शेर
के गले में पड़ी
तुलसी
माला देखकर
आश्चर्य
चकित होते हैं हम
दबे
पाँव वह घात लगाकर
पंजों
के बल चलता है
मन
हमारा उसकी भर्त्सना करता है
पर
हम उसकी इज्जत करते हैं
और
उसके गले में पड़ी माला को
अद्भुत
कहते हैं
अपने
कमजोर होने पर लज्जित होते हैं
और
शेर को धर्मात्मा की पदवी दे देते हैं।
Tags:
शेर को धर्मात्मा की पदवी