बेड़ियाँ

वे कोई सूरमा नहीं थे 
ऐसा कहने के लिए 
उनके पास कुछ था भी नहीं
 
उनके पास थे-
ललचाने वाले दानों के कुछ चुग्गे 
कुछ फन्दे कुछ हथकण्डें कुछ हथकड़ियाँ 
कुछ अनर्थ वाले भय
 
इन्हीं को उन्होंने 
खूब फैलाया
और हमेशा ही अविजित रहे
किसी सूरमा की तरह ।

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