हमारी
बुनियादी व्यवस्था
जिसमें हम जी रहे हैं
उसमें
कौन कितना क्रांतिकारी है
बात
तय होती है
एक-दूसरे को कौन
कितना धोखा दे सकता है।
एक
दूसरे का कौन
कितना गला काट सकता है
अफवाहों
के बाजार पर
किसका कितना कब्जा है
सच
की तरह अफवाहों को
किसने
कितना फैलाया
इन्हीं से किसने
कितना वोट बनाया
वही
क्रांतिकारी
वही हमारा युग निर्माता !
जिसमें हम जी रहे हैं
एक-दूसरे को कौन
कितना धोखा दे सकता है।
कितना गला काट सकता है
किसका कितना कब्जा है
इन्हीं से किसने
कितना वोट बनाया
वही हमारा युग निर्माता !
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युग निर्माता