किस्सा

राजतंत्र की
मूल व्यवस्था
समर्थों की रक्षा होती है
 
और भेष बदलकर
हर उभरते नेतृत्व की
परीक्षा लेनी होती है
जो पास हुए उनके हुए
उन्हें वर-वरदान 
प्रमाण-पत्र, पुरस्कार भी
 
फेल हुए तो दुश्मन 
निशाने पर शम्बूक से

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