राजा
की दुनिया के लोग
बड़े
ही निष्ठुर होते हैं
अपनी
ऊँचाई के लिये
और
उसकी सुरक्षा के लिये
कहीं
भी किसी को भी
उपकृत
कर फुला देते हैं
जरुरत
पड़ने पर
मित्र, सगे-संबंधियों की
बलि
भी स्वीकार कर लेते हैं
यहाँ
रिश्तों की महिमा
उनकी अपनी ऊँचाई के
समीकरण
में होती है ।
मित्र, सगे-संबंधियों की
रिश्तों की महिमा
उनकी अपनी ऊँचाई के
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