राजा
के दरबार से
कोई
खाली हाथ नहीं लौटता
पहले
से ही तय होता है
कौन-कौन
से भिखारी
लाइन
में कहाँ-कहाँ खड़े होंगे
और
क्या-क्या मांगेंगे
और
फिर
प्रचारित होता है
राजा
के दरबार से कोई भी
खाली
हाथ नहीं लौटा ।
प्रचारित होता है
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उदारता