तब और अब

पहले वे
लाव-लश्कर के साथ 
शिकार खेलने जाते थे 
कई-कई दिनों तक
जंगलों में
डेरा डाले रहते
 
अब रात्रि भोज 
सुविधाजनक गेस्ट हाउस 
विदेशी यात्राएँ
 
वे इस तरह 
राज्य का खजाना 
ऐश से उड़ाते ।

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