डर
कुंडली मार कर
जब बैठ जाये
तब फुंफकारने लगता है
साँप जैसा
डर
जब पेट के अंदर सिकुड़ता है
तो
सरपट भागता
खोजता
सुरक्षित स्थान
कोई
अंधेरी सुरंग
या
बिल में घुस जाता है
चूहे जैसा
डर
डरकर समूह बनाता
या उकसाता लोगों को
कबीलाई
युद्धों के लिए
डर
राजा भी बनना चाहता है
अपनी जीत के लिये
फासीवाद
की तरह
उन्मादी
होता है
डर
अपनी जीत पर
बहुत
महत्वाकांक्षी
साम्राज्यवादी
होता है
डर
खतरनाक होता है
डर के जबड़ों में
जहरीले
दांत भी होते हैं
काट
लेता है
निर्दोष को भी
डर
कहता तो है
वह जंगल के खिलाफ है
पर
बदहवाश होता है
रचता है दूसरा जंगल
डर
को
डर दिखाकर
दिग्भ्रमित किया जाता है
डर की राजनीति
खूब फलती-फूलती है
डर
से
मुक्ति आवश्यक है
डर से मुक्ति की चिंता करना
दुनिया
की चिंता करना है ।
कुंडली मार कर
जब बैठ जाये
तब फुंफकारने लगता है
साँप जैसा
जब पेट के अंदर सिकुड़ता है
चूहे जैसा
डरकर समूह बनाता
या उकसाता लोगों को
राजा भी बनना चाहता है
अपनी जीत के लिये
अपनी जीत पर
खतरनाक होता है
डर के जबड़ों में
निर्दोष को भी
वह जंगल के खिलाफ है
रचता है दूसरा जंगल
डर दिखाकर
दिग्भ्रमित किया जाता है
डर की राजनीति
खूब फलती-फूलती है
मुक्ति आवश्यक है
डर से मुक्ति की चिंता करना
Tags:
डर