कवच

दुनिया में बहुत सी चीजें 
एक साथ घटती हैं 
जैसे कि- 
आशाओं के साथ निराशाएँ
 
हमारी छोटी सी आशा भरी दुनिया में 
हमारी अभावग्रस्त दुनिया में 
छोटी-छोटी जरूरतों के बीच 
हमारे साथ रहकर भी 
कोई हमारे साथ नहीं होता है
 
हमारे अपने रहनुमा
जिन्हें हम चुनते हैं 
इन्द्रधनुष से कुछ
कम सपनों के साथ 
वे हमारे साथ रहकर भी 
हमारी आवश्यकताओं के 
साथ नहीं रहते हैं।
 
मिठास उनकी वाणी की 
घुलती जाती है 
चासनी की तरह 
हमारे दुःखों में
 
हमारी बेचैनी उनके लिये 
महज एक ऐसी सुरक्षा है 
जिसके भीतर तल्लीन होकर 
वे अपना हित साधते हैं ।

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