जनता
ठीक-ठीक
अपने विश्वासों के
आसपास होती है
उसे
विश्वास है
ईश्वर सबका भला करता है
उसे
विश्वास है।
यज्ञ और आहुतियों से
विश्व का कल्याण होता है
इसलिये वह इन सबके
आसपास होती है
उसे
विश्वास है
इस लोक में उसे जो नहीं मिला
परलोक में मिलेगा
इसलिये
वह परलोक के
आसपास होती है
उसे
विश्वास है
ईश्वर की कृपा से ही
धन, धान्य, कीर्ति
पुत्ररत्न की प्राप्ति होती है
इसलिये वह उसकी कृपा के
आसपास
होती है।
उसे
विश्वास है
ईश्वर
अंधों को आँख देता है
रोगी
को निरोगी काया
इसलिये
वह उसकी याचना में
उसके
आसपास होती है
उसे
विश्वास है
उसके
सभी दुखों का निवारण
ईश्वर
ही कर सकता है
इसलिये
उसकी प्रार्थना में
उसके
आसपास होती है
उसे
विश्वास है
विज्ञान
उसकी आस्था को
कुंद
करता है
तर्क
उसे नर्क ले जाते हैं
इसलिये
वह ईश्वर में ही
तर्क
और विज्ञान को गढ़ती है
और ठीक-ठीक अपने विश्वासों के
आसपास
होती है ।
अपने विश्वासों के
आसपास होती है
ईश्वर सबका भला करता है
यज्ञ और आहुतियों से
विश्व का कल्याण होता है
इसलिये वह इन सबके
आसपास होती है
इस लोक में उसे जो नहीं मिला
परलोक में मिलेगा
इसलिये
वह परलोक के
आसपास होती है
ईश्वर की कृपा से ही
धन, धान्य, कीर्ति
पुत्ररत्न की प्राप्ति होती है
इसलिये वह उसकी कृपा के
और ठीक-ठीक अपने विश्वासों के
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विश्वास-अंधविश्वास