दर्प

 
कौन नहीं चाहता
दुनिया में अच्छा कहलाना
 
राजा भी चाहता है
यही
 
उसकी होती रहे
जय-जयकार
 
इसलिये राजा
ओढ़ता है लिबास
सादगी का
 
फिर भी
उसकी सादगी में
उसका अक्खड़पन 
उसका दर्प ही झलकता है ।

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