निष्ठा

राजा पर संकट हो तो 
जनता व्यथित होती है
 
जनता राजा के
हर दुख में शामिल होती 
राजा के लिए
हमेशा ही दुआ करती है
 
राजा के प्रति निष्ठा 
जनता के खून में बहती है
 
पर क्या राजा भी कभी 
जनता के लिए ऐसा ही होता है
?

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